पंचवटी की पावन कथा
नाशिक में गोदावरी के तट पर बसी पंचवटी का रामायण में एक अत्यंत अनन्य और गहरा स्थान है। यह वही पावन स्थल है जहाँ भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने अपने चौदह वर्ष के वनवास का एक लंबा और महत्वपूर्ण समय बिताया था।
यह नाम यहाँ स्थित 'पांच बरगद के वृक्षों' (वट) को दर्शाता है जो उनके निवास स्थान की पहचान थे। आज भी, यह पवित्र उपवन एक मुख्य तीर्थ स्थल है जहाँ त्रेतायुग की गूंज को पत्तों की सरसराहट और नदी के निरंतर प्रवाह में स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सकता है।
ग्रंथों और इतिहास को जानें arrow_forward