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कुंभ जर्नल

अखाड़े और कुंभ संस्कृति

अखाड़ों, संन्यासी परंपराओं, अस्थायी नगर और सम्मानपूर्ण अवलोकन का संदर्भ।

3 लेख

अखाड़ा पेशवाई के आसपास क्या अपेक्षा रखें

अखाड़ा पेशवाई कुंभ की संस्थागत और संन्यासी परंपरा की प्रमुख सार्वजनिक अभिव्यक्ति हो सकती है। इसे दर्शकों के लिए बनाया staged spectacle नहीं, जीवित धार्मिक संदर्भ मानें।

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संन्यासी परंपराओं की तस्वीर सम्मान से कैसे लें

संन्यासी परंपराएँ visual props नहीं हैं। सम्मानपूर्ण तस्वीर consent, context और “नहीं” स्वीकार करने से शुरू होती है।

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अस्थायी कुंभ नगर कैसे काम करता है

कुंभ स्थल केवल धार्मिक समागम नहीं; वह कुछ समय के लिए एक विशाल अस्थायी नगर बन सकता है। प्रयागराज पर हुए शोध में आयोजन के लिए बनकर बाद में हटने वाली सड़कों, पुलों, शिविरों, जल-विद्युत व्यवस्था, स्वच्छता, सार्वजनिक सेवाओं और…

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